**”द साइकोलॉजी ऑफ मनी”** धन, लालच और खुशी पर आधारित कालजयी पाठों को प्रस्तुत करती है। इस पुस्तक का मुख्य संदेश है कि पैसे के साथ सफलता केवल इस पर निर्भर नहीं करती कि आप क्या जानते हैं, बल्कि यह इस पर निर्भर करती है कि आप कैसे व्यवहार करते हैं। और व्यवहार को समझाना या सिखाना, यहां तक कि बहुत बुद्धिमान लोगों के लिए भी, एक कठिन काम हो सकता है।
आमतौर पर माना जाता है कि पैसे को प्रबंधित करना, उसमें निवेश करना, और व्यावसायिक निर्णय लेना केवल गणितीय गणनाओं, आंकड़ों और फॉर्मूलों पर आधारित होता है। लेकिन वास्तविक दुनिया में, लोग वित्तीय निर्णय स्प्रेडशीट पर नहीं लेते। वे ये निर्णय डिनर टेबल पर, मीटिंग रूम में, या अपने व्यक्तिगत अनुभवों, दुनिया को देखने के अपने अनोखे दृष्टिकोण, अहंकार, गर्व, मार्केटिंग, और अन्य प्रेरणाओं के आधार पर लेते हैं।
**”द साइकोलॉजी ऑफ मनी”** में लेखक ने 19 छोटी कहानियों के माध्यम से समझाया है कि लोग पैसे के बारे में किस तरह से सोचते हैं और कैसे आप जीवन के इस सबसे महत्वपूर्ण विषय को बेहतर तरीके से समझ सकते हैं। यह पुस्तक आपको पैसे को लेकर एक नया नजरिया और बेहतर वित्तीय निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करती है।
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